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    Homeप्रदेशदक्ष आयुष्मान… सोमवार को 28 अस्पतालों का तय होगा भविष्य

    दक्ष आयुष्मान… सोमवार को 28 अस्पतालों का तय होगा भविष्य

    आयुष्मान भारत योजना के नाम पर इलाज नहीं, बल्कि लूट का खेल चलाने वाले निजी अस्पतालों पर अब शिकंजा कसना शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश में ‘दक्ष आयुष्मान’ फ्रेमवर्क के तहत की गई जांच ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कई कड़वी सच्चाइयों को उजागर कर दिया है। कहीं बंद अस्पतालों में मरीजों का इलाज दिखाया जा रहा था, तो कहीं बिना मौजूद डॉक्टरों के नाम पर क्लेम किए जा रहे थे। कहीं ICU की जरूरत ही नहीं थी, फिर भी मरीजों को जबरन भर्ती दिखाया गया।

    इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए स्टेट हेल्थ एजेंसी ने 9 अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। जबकि, 28 अस्पतालों को नोटिस दिया था। सोमवार को इन अस्पतालों के जबाव के आधार पर इनका भविष्य तय होगा।

    जेपी अस्पताल परिसर में स्थित आयुष्मान कार्यालय।
    जेपी अस्पताल परिसर में स्थित आयुष्मान कार्यालय।

    अस्पतालों में यह खामियां मिलीं

    • 17 अस्पतालों में वैधानिक दस्तावेजों की कमी
    • 8 में इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी समस्याएं
    • 15 में ऑपरेशनल खामियां
    • 2 में क्लिनिकल अप्रॉप्रियेटनेस

    स्थिति- डॉक्टर कागजों तक सीमित

    जांच में सामने आया कि कुछ अस्पतालों में डॉक्टर मौके पर मौजूद ही नहीं थे, जबकि कागजों में इलाज दिखाया जा रहा था। कई अस्पताल पूरी तरह बंद थे, फिर भी आयुष्मान पोर्टल पर सक्रिय रहकर क्लेम किए जा रहे थे। यह मरीजों की सुरक्षा के साथ खुला खिलवाड़ माना गया।

    क्या है दक्ष आयुष्मान फ्रेमवर्क

    आयुष्मान भारत योजना के तहत फ्रॉड और दुरुपयोग पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है। जिसे दक्ष आयुष्मान नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक धन की सुरक्षा, नैतिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा और मरीजों के अधिकारों की रक्षा करना है। यह फ्रेमवर्क तीन पॉइंट पर आधारित है। जिसमें प्रिवेंशन (रोकथाम), डिटेक्शन (पहचान) और डिटरेंस (कड़ी कार्रवाई) शामिल है।

    इसके लिए अस्पताल की भौतिक और कार्यात्मक जांच की जा रही है। बेड, ICU, OT और स्टाफ की उपलब्धता देखी जा रही है। प्री-ऑथराइजेशन में इलाज की जरूरत की जांच कर रहे हैं। साथ ही, हेल्थ बेनिफिट पैकेज (HBP) के दुरुपयोग पर निगरानी की जा रही है। जिससे ऐसी व्यवस्था बनी रहे रहे कि इलाज वास्तविक हो, अनावश्यक ICU भर्ती या गलत पैकेज क्लेम न किए जाएं।

    यह 9 अस्पताल बीते सप्ताह हुए सस्पेंड

    • अभिश्री हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड – बिना जरूरत ICU एडमिशन और वैधानिक उल्लंघन।
    • एविसेना मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल – इंफ्रास्ट्रक्चर में गड़बड़ी, 30% बेड कम।
    • आयुष हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर – निर्माणाधीन बिल्डिंग, नॉन-ऑपरेशनल बेड, पैकेज दुरुपयोग।
    • कम्युनिटी वैल्यू स्पेशलिटी हॉस्पिटल – 56% बेड की कमी, AERB लाइसेंस नहीं, फायर NOC एक्सपायर्ड।
    • दृष्टि आई केयर – बंद अस्पताल, फिर भी आयुष्मान में एक्टिव।
    • करोंद मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल – बंद अस्पताल, लेकिन क्लेम जारी।
    • मैक्स मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल – घोस्ट डॉक्टर, गंदा ICU, मालिकाना विवाद, वैधानिक खामियां।
    • मुस्कान चिल्ड्रन एंड जनरल हॉस्पिटल – 34% बेड की कमी, खराब सफाई।
    • भोपाल टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर – बंद होने के बावजूद योजना में शामिल।

    AI और फील्ड टीम ने खोली पोल

    दक्ष आयुष्मान के तहत तकनीक और जमीनी जांच दोनों को जोड़ा गया। इसमें AI आधारित ट्रिगर सिस्टम है। जो SAFU (Suspected Abuse and Fraud Unit) डेटा एनालिसिस पर काम करता है। जिससे फ्रॉड केस को तनीक की मदद से पकड़ा जा सके। इसके अलावा फील्ड विजिट और फिजिकल इंस्पेक्शन किया जाता है। वहीं, मरीजों की शिकायतें, सीएम हेल्पलाइन, CPGRAMS पर भी फोकस किया जा रहा है। इसी व्यवस्था के तहत हाल में 57 अस्पतालों का सत्यापन किया गया। जांच में 9 अस्पतालों में गंभीर और सिस्टमेटिक अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।

    दक्ष आयुष्मान में इन कार्रवाई का प्रावधान

    • अस्पताल डि-एम्पैनलमेंट
    • ब्लैक लिस्टिंग
    • आर्थिक जुर्माना
    • FIR दर्ज
    • वेबसाइट और मीडिया में नाम सार्वजनिक

    जीरो टॉलरेंस नीति जमीन पर उतरी

    मध्य प्रदेश आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सीईओ योगेश भरसट ने कहा कि दक्ष आयुष्मान के तहत की गई यह कार्रवाई साबित करती है कि मध्यप्रदेश अब फ्रॉड-फ्री आयुष्मान योजना की दिशा में गंभीर है। एनालिटिक्स से लेकर फील्ड जांच और सख्त दंड तक, यह मॉडल न सिर्फ अस्पतालों की जवाबदेही तय करता है, बल्कि मरीजों के भरोसे को भी मजबूत करता है।

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