प्रदेश में 38 हजार कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों समेत अन्य इन विभागों में काम कर रहे अन्य अधिकारी कर्मचारी के रिटायरमेंट के पहले उनके संपूर्ण सेवाकाल के सर्विस रिकार्ड और वेतन निर्धारण की जांच की जाएगी। अगर किसी को नियम विरुद्ध फायदा पहुंचाया गया है तो ऐसे मामलों में कार्रवाई होगी।
ऐसे कर्मचारी प्रदेश के लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग में सर्वाधिक हैं जिनकी जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
राज्य सरकार के वित्त विभाग ने इन विभागों में लंबित वेतन निर्धारण, वेतनमान स्वीकृति तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।
वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास और स्कूल शिक्षा विभाग में वेतन निर्धारण से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों का शीघ्र परीक्षण कर उनका निराकरण सुनिश्चित करें।

आदेश में कई बातों का जिक्र
आदेश में कहा गया है कि कई मामलों में वेतनमान, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति और सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित विवादों के कारण कर्मचारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसे देखते हुए विभागवार विशेष अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का समाधान किया जाएगा। विभागों को अभियान की प्रगति रिपोर्ट भी वित्त विभाग को भेजनी होगी।
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

सेवा पुस्तिका की जांच कर गलतियां सुधारें
वित्त विभाग ने संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों तथा विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे सेवा पुस्तिकाओं का परीक्षण कर गलतियों का सुधार करें और आवश्यक होने पर पूर्व अनुमोदन प्राप्त कर कार्रवाई करें।
साथ ही आगामी छह माह के भीतर सेवा-अभिलेखों और वेतन निर्धारण संबंधी लंबित मामलों का निराकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
विशेष अभियान के अंतर्गत सेवानिवृत्त एवं सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन निर्धारण, समयमान, क्रमोन्नति वेतनमान और अन्य वित्तीय लाभों से जुड़े मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


