
लोगों को एक बात साफ़ तौर पर समझनी चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान के पेट्रोलियम मंत्री रहने के दौरान, सरकारी कंपनी ONGC ने अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से 2015 से 2025 के बीच लगभग 668 करोड़ रुपये The News Minute की रिपोर्ट के अनुसार RSS से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े बताए गए 20 संस्थानों को दिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन 20 संस्थानों में से 9 संस्थान सीधे RSS से जुड़े हुए हैं, 9 संस्थान RSS की विचारधारा से जुड़े लोगों द्वारा स्थापित या संचालित किए जाते हैं, जबकि 2 संस्थान ऐसे हैं जिन्होंने पहले RSS के साथ मिलकर काम किया है।
इन फंडों का सबसे बड़ा हिस्सा असम के स्वर्गदेव सियु-का-फा अस्पताल और नागपुर के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट जैसे संस्थानों को मिला।
यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि 668 करोड़ रुपये सीधे RSS को दिए गए। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, यह राशि उन संस्थानों तक पहुँची जिन्हें RSS से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ा हुआ बताया गया है।
अब सवाल यह है कि सरकारी कंपनियों के CSR फंड किन मानकों के आधार पर इन संस्थानों को दिए गए? उसी अवधि में समाज सेवा करने वाले अन्य संस्थानों को इसी स्तर का सहयोग क्यों नहीं मिला? क्या पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी थी?
ये केवल राजनीतिक आरोप नहीं हैं। यह जनता के पैसे के इस्तेमाल से जुड़ा सवाल है। इसलिए विपक्ष इस पूरे मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है।
सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि जनता का पैसा वास्तव में जनता के हित में खर्च किया जा रहा है या फिर राजनीतिक और वैचारिक रूप से जुड़े संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।
स्रोत
The News Minute, “State-owned ONGC donated over Rs 668 crore to 20 Sangh-linked organisations across 10 years”, 21 जुलाई 2026।
Newslaundry, “State-owned ONGC donated over Rs 668 crore to 20 Sangh-linked organisations across 10 years”, 21 जुलाई 2026।
Deccan Herald में ONGC के CSR फंड और RSS से जुड़े संस्थानों पर प्रकाशित समाचार तथा विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ।
ONGC की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) वार्षिक रिपोर्टें (2015–2025)।
यदि आप इसे अधिक औपचारिक रूप में लिखना चाहते हैं:
संदर्भ स्रोत
The News Minute की खोजी रिपोर्ट (21 जुलाई 2026)
Newslaundry की विशेष रिपोर्ट (21 जुलाई 2026)
ONGC की वार्षिक CSR रिपोर्टें (2015–2025)
Deccan Herald में प्रकाशित समाचार रिपोर्टें और विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ
✍️ Bandapalli Shiva Reddy
Vilas Kharat Swami Prasad Maurya Rajendra Gautam MLA Pratap K. Chatse Satish Kumar


