एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर भोपाल जिला कोर्ट में अलग-अलग आवेदन दायर किए गए हैं। सीबीआई ने सोमवार रात गिरिबाला और समर्थ पर एफआईआर दर्ज की। इसमें दहेज में पैसों की डिमांड होने की बात मानी गई है।
जानकारी के अनुसार, ट्विशा के परिवार की ओर से वकील अंकुर पांडे ने भोपाल कोर्ट में सीडीआर सुरक्षित रखने के लिए आवेदन दिया है। वहीं, गिरिबाला सिंह की ओर से सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर एप्लीकेशन दी है। दोनों आवेदनों पर मंगलवार (26 मई) को सुनवाई होगी।
सोमवार को मामले की सुनवाई तय थी, लेकिन भोपाल पुलिस अदालत में रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी। रिपोर्ट नहीं आने पर कोर्ट ने सुनवाई आगे बढ़ा दी। कोर्ट ने पुलिस को जरूरी दस्तावेज और रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।
आज सुनवाई में पुलिस की ओर से रिपोर्ट पेश किए जाने की संभावना है। इसके बाद कोर्ट रिकॉर्ड और फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर जरूरी निर्देश जारी कर सकता है।

सीबीआई ने FIR को दोबारा दर्ज कराया
सीबीआई की टीम सोमवार को भोपाल पहुंची। एजेंसी ने कटारा हिल्स थाने में पहले दर्ज FIR को री-रजिस्टर कर ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया।
पुलिस जांच में 20 लाख रुपए अतिरिक्त मांगने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर सीबीआई ने दहेज मृत्यु का मामला दर्ज किया है।
सोमवार शाम करीब 7:30 बजे SIT की टीम समर्थ सिंह के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित घर पहुंची। यहां समर्थ और गिरिबाला सिंह से करीब ढाई घंटे पूछताछ हुई। टीम ने मौके पर स्पॉट वेरिफिकेशन भी कराया।

पुलिस तक सूचना देर से पहुंची, इसकी भी जांच होगी
ट्विशा ने 12 मई की रात 10:20 बजे कथित रूप से फांसी लगाई थी। एम्स से 13 मई की सुबह 5 बजे मामला दर्ज कराया गया। सीबीआई इस बात की जांच करेगी कि पुलिस तक सूचना देरी से क्यों पहुंचाई गई। सीबीआई मामला नोट करने वाले डॉक्टर से भी पूछताछ करेगी।
ट्विशा के परिजन आरोप लगा रहे थे कि केस को प्रभावित करने की नीयत से गिरिबाला सिंह और उनके बेटे ने समय पर पुलिस को सूचना नहीं दी। समर्थ अस्पताल में ट्विशा की मौत की पुष्टि के बाद घर लौट आया था। ट्विशा के परिजन का आरोप था कि इस दौरान समर्थ ने साक्ष्यों को प्रभावित किया।
परिजन ने आशंका जताई थी कि क्रिमिनल लॉयर होने के कारण उसने क्राइम सीन पर हेरफेर किया। इस बात की पुष्टि सीबीआई की एफआईआर में भी हुई है। पुलिस को सूचना देने में अतिरिक्त देरी की गई थी।
CBI की FIR में 10 बातों का जिक्र
- ट्विशा शर्मा (33) निवासी बागमुगालिया, कटारा हिल्स ने 12 मई 2026 की रात कथित तौर पर घर में फांसी लगाई। पति समर्थ सिंह उसे इलाज के लिए एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
- एम्स की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण एंटेमॉर्टम हैंगिंग यानी मृत्युपूर्व लटकाना बताया। पीएम रिपोर्ट में शरीर के अन्य हिस्सों पर ‘ब्लंट फोर्स’ से लगी कई साधारण चोटों का भी जिक्र है। FSL टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और जब्ती की कार्रवाई की गई।
- ट्विशा की शादी 9 दिसंबर 2025 को नोएडा में हिंदू रीति-रिवाज से समर्थ सिंह से हुई थी। परिजन के अनुसार शादी में सामर्थ्य से अधिक दान-दहेज दिया गया था। आरोप है कि शादी के समय सास गिरिबाला सिंह की मांग पर 20 लाख रुपए भी दिए गए थे।
- मृतक के माता-पिता और भाई के बयान में दहेज को लेकर ताने और प्रताड़ना के आरोप हैं। यह भी कहा कि पति और सास शादी के बाद खर्च के पैसे नहीं देते थे।
- ट्विशा के परिजन के मुताबिक वह प्रेग्नेंट थी, लेकिन पति और सास उस पर बच्चे को लेकर शक जताते थे। गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। इसके बाद ट्विशा ने पति के साथ जाकर अबॉर्शन कराया।
- 22 अप्रैल 2026 को दोनों परिवारों के बीच विवाद सुलझाने के लिए बातचीत हुई थी। मई के पहले हफ्ते में पति और सास द्वारा चरित्र पर आरोप लगाकर दबाव डालने की बात सामने आई।
- घटना वाले दिन (12 मई) ट्विशा ने कई बार अपने मायके पक्ष से फोन पर बात की थी। रात करीब 9:41 बजे वॉट्सएप कॉल के दौरान पीछे से पति के चिल्लाने की आवाज आने के बाद फोन कट गया। ट्विशा के परिजन का आरोप है कि इसके बाद करीब 20 मिनट तक कॉल करने पर किसी ने फोन नहीं उठाया। रात करीब 10:35 बजे सास ने फोन उठाकर ‘She is no more’ कहकर कॉल काट दिया।
- जांच के दौरान ट्विशा की वॉट्सएप चैट, शादी की फोटो और कार्ड को सबूत के रूप में जब्त किया गया।
- पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया दहेज को लेकर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के आरोप पाए गए। जांच में यह बात सामने आई कि प्रताड़ना से परेशान होकर मृतक ने आत्महत्या की।
- पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज और प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में अपराध दर्ज किया गया।
मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में कल सुनवाई हुई
सुप्रीम कोर्ट ने खुद नोटिस लेते हुए सोमवार को इस केस की सुनवाई की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि मीडिया पीड़ित या दूसरे परिवार के बयानों के पीछे न भागे और मामले को कानून के मुताबिक आगे बढ़ने दिया जाए। हम न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठने से दुखी हैं।
सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया था कि ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह जांच में बाधा डाल रही हैं।

वहीं, हाईकोर्ट ने आरोपी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया। यह नोटिस राज्य सरकार और ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा की याचिका पर जारी हुआ। पिटीशन में ट्रायल कोर्ट से मिली गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत का विरोध किया गया है।
सोमवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा कि गिरिबाला जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। वहीं, गिरिबाला के वकील मृगेंद्र सिंह ने कहा- ‘यह कहना गलत है कि हम जांच में सपोर्ट नहीं कर रहे हैं। हमें पिटीशन के दस्तावेज नहीं मिले, इसलिए जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहिए।’
दोबारा पोस्टमॉर्टम, मौत के 12 दिन बाद पोस्टमॉर्टम
24 मई को भोपाल एम्स में दिल्ली एम्स की टीम ने ट्विशा की डेड बॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। इसके बाद शाम को मौत के 12 दिन बाद ट्विशा का भदभदा श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। भाई मेजर हर्षित ने उन्हें मुखाग्नि दी।
12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स में ट्विशा की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है।



