
वीर भारत न्यास को लेकर डॉ. आनंद राय का पोस्ट वायरल, बजट और पारदर्शिता पर उठाए सवाल
भोपाल। व्हिसलब्लोअर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. आनंद राय का एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। अपने पोस्ट में उन्होंने वीर भारत न्यास के बजट, कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल उठाए हैं।डॉ. राय ने लिखा है कि जिन कार्यों का संचालन पहले संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से किया जाता था, वे अब वीर भारत न्यास के जरिए किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे कार्यों पर भी अत्यधिक खर्च दर्शाया जा रहा है और न्यास के खर्च एवं ऑडिट प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वीर भारत न्यास का बजट संस्कृति मंत्रालय की तुलना में कई गुना अधिक है।
अपने पोस्ट में डॉ. आनंद राय ने मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद आयु सीमा संबंधी प्रावधानों के कारण ओएसडी नियुक्ति संभव नहीं थी, इसलिए उनके लिए सांस्कृतिक सलाहकार का पद सृजित किया गया। डॉ. राय ने श्रीराम तिवारी के प्रभाव और प्रशासनिक पहुंच को लेकर भी टिप्पणी की है।हालांकि, डॉ. आनंद राय द्वारा लगाए गए इन आरोपों और दावों पर संबंधित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि इस संबंध में कोई पक्ष या स्पष्टीकरण प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
नोट: यह खबर डॉ. आनंद राय के सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। इसमें व्यक्त विचार और आरोप उनके व्यक्तिगत हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
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