चचा ने बहुत सही उड़ता तीर अपने पिछवाड़े लिया है….
दे ला रू (De La Rue) की कहानी शायद आपको पता होगी कि किस तरह इस दिमागी नक्सली ने कांग्रेस सरकार की मदद से पाकिस्तान को भारतीय मुद्रा की नक़ल करने में मदद की…..
बहुत कम लोगों को पता है कि 2006 से 2014 के बीच भारत की मुद्रा सुरक्षा किस हद तक समझौता हो चुकी थी और कैसे तत्कालीन UPA सरकार के कुछ फ़ैसलों ने पाकिस्तान के लिए भारतीय करेंसी की नक़ल करना आसान बना दिया……
2006 में शुरुआत हुआ चिदंबरम, मयराम और De La Rue का खेल जब वित्त मंत्री पी. चिदंबरम थे, उनके अधीन अरविंद मयराम संयुक्त सचिव थे और अशोक चावला अतिरिक्त सचिव….
इसी दौरान सरकार ने मुद्रा प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए एक नई कंपनी बनाई जिसका नाम Security Printing & Minting Corporation of India Ltd (SPMCIL)…..अब यहीं से असली खेल शुरू हुआ…..
SPMCIL ने भारत की Security Printing Paper (SPP) यानी नोट छापने वाला विशेष कागज़ ब्रिटिश कंपनी De La Rue से खरीदना शुरू किया और सबसे चौंकाने वाली बात कि पाकिस्तान भी इसी कंपनी से वही सुरक्षा कागज़ खरीद रहा था…..
यानी पाकिस्तान के पास वही सामग्री थी जिससे भारतीय नोट बनते थे, नतीजा साफ था…
पाकिस्तान ने भारतीय मुद्रा की नक़ल करना बेहद आसान बना लिया……
भारतीय बाज़ार नकली नोटों से भर गया……
2010 में जब प्रणब दा आए और कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया और जब प्रणब दा वित्त मंत्री बने, तो उन्होंने इस खतरे को समझा और De La Rue को ब्लैकलिस्ट कर दिया, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई……
2012 में चिदंबरम लौटे और फिर वही खेल De La Rue से खरीदारी शुरू हो गई……
उधर पाकिस्तान भारतीय नकली नोटों से पैसा बना रहा था, घाटा पूरा कर रहा था और भारत के खिलाफ अपने आतंक नेटवर्क को फंड कर रहा था…….
2014 में मोदी सरकार आई और खेल खत्म……
De La Rue से खरीद बंद
अरविंद मयराम पर FIR दर्ज
पूरी व्यवस्था की सफाई शुरू
और फिर आया 2016 का निर्णय……
2016 नोटबंदी का असली कारण राष्ट्रीय सुरक्षा था, नोटबंदी केवल “काले धन” के लिए नहीं थी. सबसे अहम कारण था, पाकिस्तान द्वारा बनाए जा रहे नकली भारतीय नोटों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना. और क्या हुआ?
कश्मीर में पत्थरबाज़ी अचानक बंद हो गई, भारत में बड़े धमाके रुक गए और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ढहने लगी….
क्योंकि उसकी नकली करेंसी फैक्टरी का दरवाज़ा एक झटके में बंद हो गया……
तो जनाब दिमागी नक्सली बोल कर मोदी जी ने साँपों के बिल में उन्हीं के जहर का एंटीडोट छोड़ दिया है, अब धीरे धीरे सब बिलबिलाने आएंगे…..
वास्तविकता देखनी हो तो धुरंधर फिल्म देख लीजिए और “De La Rue और Chidambaram” गूगल पर सर्च करें, सब सामने आ जाएगा…..


