
सादर प्रकाशनार्थ
*”राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने किया “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” का राज्य स्तरीय शुभारंभ”*
-नशा मनोबल और बुद्धिबल दोनों को करता कमजोर”
*”सामूहिक प्रयास ही सबसे बड़ी ताकत है” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी*
*”टू-वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रधानमंत्री मोदी का प्रेरक संदेश, नशामुक्त भारत का लिया संकल्प”*
*”गरीब और कमजोर वर्ग को नशे की गिरफ्त से बचाना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी : राज्यपाल”*
भोपाल, 2 अगस्त
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के राजयोग भवन अरेरा कॉलोनी द्वारा रविवार को “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” का राज्य स्तरीय शुभारंभ नीलबड़ स्थित सुख शांति भवन मेडिटेशन रिट्रीट सेंटर के अनुभूति सभागार में, मध्यप्रदेश के *माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल* के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में *मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष श्री अवधेश प्रताप सिंह, ब्रह्माकुमारीज़ की वरिष्ठ राजयोगिनी बीके नीता दीदी, सीहोर से पधारी बीके पंचशीला दीदी, मुरैना से पधारी बीके रेखा दीदी, बीके आराधना बहन* सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रगान से हुआ।
*राजयोग भवन अरेरा कॉलोनी प्रभारी, वरिष्ठ राजयोगिनी बीके नीता दीदी जी* ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि आज का समय केवल भौतिक प्रगति का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागृति का भी है। समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, तनाव और पारिवारिक विघटन का स्थायी समाधान केवल कानून से नहीं, बल्कि आत्मजागृति और संस्कारों से संभव है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान वर्षों से राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति, परिवार और समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहा है और यह अभियान उसी सेवा यात्रा का महत्वपूर्ण चरण है।
कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करते हुए अभियान की जानकारी दी गई तथा बताया गया कि “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” केवल प्रतिज्ञा लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में जनजागरण के माध्यम से जीवन मूल्यों और आत्मिक सशक्तिकरण का व्यापक आंदोलन है।
*मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष श्री अवधेश प्रताप सिंह* ने कहा कि आज समाज को केवल कानून की नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों की आवश्यकता है। सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों का क्षरण चिंता का विषय है। आज अनेक बच्चे और युवा अपना अधिकांश समय इंटरनेट अथवा नशे की गिरफ्त में व्यतीत कर रहे हैं, जिससे परिवारों में संवाद और संस्कार दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हम अनेक प्रयास करते हैं, लेकिन मन और आत्मा को स्वस्थ रखने का मार्ग अध्यात्म है। जीवन में संतुलन, आत्मसंयम और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने इस राष्ट्रव्यापी अभियान को समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
*मुरैना से पधारी वरिष्ठ राजयोगिनी बीके रेखा बहन* ने कहा कि किसी भी प्रकार का नशा व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोर कर देता है। यह धीरे-धीरे उसके मनोबल, बुद्धिबल और निर्णय क्षमता को क्षीण कर देता है। मनुष्य क्षणिक आनंद की तलाश में नशे की ओर आकर्षित होता है, लेकिन वही आनंद आगे चलकर उसके जीवन का सबसे बड़ा बंधन बन जाता है। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य के पास सुविधाएं और साधन पहले से कहीं अधिक हैं, लेकिन मन की शांति लगातार कम होती जा रही है। यदि प्रतिदिन कुछ समय स्वयं के लिए निकालकर राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास किया जाए, तो व्यक्ति भीतर से शक्तिशाली बनता है और किसी भी प्रकार के व्यसन से सहज ही दूर रह सकता है।
*सीहोर से पधारी वरिष्ठ राजयोगिनी आदरणीय पंचशिला दीदी* जी ने कहा कि आज का सबसे बड़ा संकट संसाधनों का नहीं, बल्कि आत्मिक शक्ति का है। जब मनुष्य स्वयं से दूर हो जाता है, तभी तनाव, अवसाद, क्रोध और नशे जैसी बुराइयाँ उसके जीवन में प्रवेश करती हैं। उन्होंने कहा कि अध्यात्म व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है और राजयोग मेडिटेशन उसे भीतर से इतना सशक्त बना देता है कि वह किसी भी प्रकार के व्यसन पर सहज विजय प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय आत्मचिंतन और परमात्म स्मृति में लगाए, तो न केवल उसका जीवन बदलेगा, बल्कि परिवार और समाज भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा।
*सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह* ने कहा कि नशामुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शासन और समाज मिलकर इस दिशा में कार्य करेंगे। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा चलाए जा रहे जनजागरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान लाखों युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनेगा।
इसके पश्चात *बीके आराधना बहन ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं नागरिकों को राष्ट्रीय नशामुक्ति प्रतिज्ञा* दिलाई तथा *बीके हेमा बहन ने राजयोग मेडिटेशन* का अभ्यास कराया।
*अपने प्रेरक उद्बोधन में माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल* जी ने
कहा कि नशे की समस्या का स्थायी समाधान केवल दंड या उपचार नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का विकास है। जब व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानता है और जीवन में आध्यात्मिकता को अपनाता है, तब उसके भीतर आत्मबल, विवेक और सही निर्णय लेने की शक्ति स्वतः विकसित होती है।
उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की सेवाओं की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि संस्था वर्षों से समाज में चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों, महिला सशक्तिकरण, आध्यात्मिक जागृति तथा नशामुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है।
राज्यपाल महोदय ने कहा कि आज आवश्यकता ऐसे अभियानों की है जो केवल संदेश न दें, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” देश में जनजागरण का एक ऐतिहासिक अभियान सिद्ध होगा तथा इसमें ब्रह्माकुमारी संस्थान की भूमिका अत्यंत प्रेरणादायी रहेगी।
इसके पश्चात सभी *माननीय प्रधान मंत्री जी से लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी रूबरू हुए* जिसमें उन्होंने किए जा रहे इस प्रयास की सराहना की।
कार्यक्रम का *कुशल मंच संचालन वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक राम भाई जी* ने किया।
अंत में सभी अतिथियों ने ब्रह्माभोजन ग्रहण किया तथा नशामुक्त, स्वस्थ एवं मूल्यनिष्ठ भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।


