*सराहनीय एवम् अनुकरणीय पहल*
इन्दौर के जैन समुदाय द्वारा पिछले रविवार को एक अच्छा निर्णय लिया गया कि यदि किसी भी जैन समुदाय की शादी में ६ से अधिक व्यंजन हैं, तो उस शादी में वर-वधू को केवल आशीर्वाद देने जाना है, लेकिन भोजन नहीं किया जाएगा।
हल्दी और मेहन्दी का कार्यक्रम, Stage बनाकर और DJ लगाकर करने के बजाए, घर की चारदीवारी में ही सादगी से करने का निर्णय भी लिया गया है। साथ ही शादी से पहले लड़़के-लड़़की के Pre Wedding Shoot पर भी प्रतिबन्ध लगाया गया है।
अग्रवाल समाज ने भी उक्त निर्णय को लागू करने का संकल्प लिया है। अग्रवाल समाज का कहना है कि ये सब काम सभ्य और शिक्षित समाज को शोभा नहीं देते है।
इसके साथ ही विवाह के Card न छपवाकर केवल Whatsapp और Phone के द्वारा ही निमन्त्रण दें।
विशेष निर्णय ये है कि विवाह पूर्व के संगीत कार्यक्रमों (DJ इत्यादि) पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है।
उपरोक्त दोनों समाज (जैन और अग्रवाल) आर्थिक रूप से सक्षम और सशक्त हैं लेकिन उन्होंने जो निर्णय लिया, वो काबिले तारीफ़ है।
अनुकरणीय एवम् आदर्श निर्णय का हृदय से स्वागत है। और सभी जाति, धर्म और पंथ को इस निर्णय का पालन करना चाहिये।
हम अनावश्यक रूप से लाखों रुपये बर्बाद कर रहे हैं और कर्ज में डूब रहे हैं।
हमें अब बदलना होगा। वर्ना वक़्त हमे माफ़ नहीं करेगा।
सिर्फ पढ़िये नहीं, सोचिये भी…
(ये सन्देश समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाएं।)
*🙏🏻यही विनम्र निवेदन है।*
*💯सौ प्रतिशत यह समय की मांग है। विचार करें और बदलाव लाएं*
*धन्यवाद*🙏


