
TV मोबाइल की लत छुड़ाने का तरीका…एक पिता मुस्कुरा रहा है क्योंकि उसकी 11 साल की बेटी ने जो सीखा है वो दैवीय शक्ति के जैसा है। आँखों में पट्टी बाँधने के बाद आपके हाथ में क्या है और कैसे रंग के कपड़े पहने हो, कैसे खड़े हो सब कुछ बता देती है। यह छठी इन्द्रिय के विकास से संभव हुआ है। अब पलक बिटिया कम समय में ज़्यादा पढ़ लेती है और टीवी मोबाइल से दूर रहती है। सुभाष उरखेड़े जी की 11 साल की बेटी पलक उरखेड़े जो कि ग्राम दीघोरी लांजी के रहने वाले हैं। बिटिया कक्षा छठवीं पास की है। हम लोग आँखों में पट्टी बाँधने के बाद मटकी नहीं फोड़ पाते लेकिन ये पलक ब्लाइंड फोल्ड के अंधेरे में भी बिना देखे सबकुछ बता देती है। ये कोई जादू नहीं बल्कि योग प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से छोटी सी उम्र में अपनी छठी इंद्रिय का विकास किया है। सिर्फ़ 11 दिन में इनके गुरु श्री भानु प्रताप खांडे जी पहली बार इतना सिखाया था जिससे पलक स्पर्श और स्मेल से आँखे बंद होने के बाद भी पहचान लेती थी लेकिन अब दूर से लिखे हुए वाक्य पढ़ लेती है और रंग से लेकर चल ढाल की नकल भी कर लेती है। आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के मार्गदर्शन में लांजी क्षेत्र में श्री भानु खांडे जी और लक्की मेहर जी मिलकर जंगल क्षेत्र में भी बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास हेतु निरंतर प्रयासरत हैं। #artofliving #lanji #इंट्यूशन #sixsenses


