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    ममता बनर्जी इस्तीफा देने राज्यपाल के पास नहीं जाएगी। इस पर हंगामा मीडिया अपनी रेटिंग और कमाई बढ़ाने के लिए कर रहा है

    ममता बनर्जी इस्तीफा देने राज्यपाल के पास नहीं जाएगी। इस पर हंगामा मीडिया अपनी रेटिंग और कमाई बढ़ाने के लिए कर रहा है।
    2019 को महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे ने भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इंकार कर दिया था। जबकि बहुमत पाकर देवेंद्र फडणवीस शपथ का इंतजार कर रहे थे।
    किसी ने कुछ नहीं किया एक दो दिन बाद महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो गया। तो स्वतः ही राष्ट्रपति शासन लग गया। उद्धव ठाकरे भूतपूर्व मुख्यमंत्री बन गए। बाद में राज्यपाल के यहां जाकर फडणवीस ने दावा पेश किया। केन्द्र सरकार ने तुरंत राष्ट्रपति शासन हटाया। राज्यपाल ने फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवा दी।
    यही बंगाल में हो सकता है। 7 मई को बंगाल विधानसभा का कार्यकाल खत्म होगा। तब तक ममता त्यागपत्र नहीं देंगी तो महाराष्ट्र की कहानी दोहराई जाएगी।
    हां इस बीच चुनाव आयोग परिणाम की जानकारी राज्यपाल को दे देगा। और उसका नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा।
    इस बीच सुप्रीम कोर्ट भी चाहे तो इन सब में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। नया मुख्यमंत्री बनने, नई विधानसभा बनने के बाद अदालत में जाने का विकल्प खुलेगा और भूतपूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चाहेगी तो सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट जा सकेगी।
    इन सबके परिपेक्ष्य में न भाजपा जल्दबाजी कर रही है न केन्द्र सरकार। जल्दबाजी से नई कानूनी या राजनीतिक समस्या खड़ी हो सकती है।
    ओमप्रकाश गौड़, पत्रकार, भोपाल
    5 मई 8.04 पीएम

    2019 को महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे ने भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इंकार कर दिया था। जबकि बहुमत पाकर देवेंद्र फडणवीस शपथ का इंतजार कर रहे थे।

    किसी ने कुछ नहीं किया एक दो दिन बाद महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो गया। तो स्वतः ही राष्ट्रपति शासन लग गया। उद्धव ठाकरे भूतपूर्व मुख्यमंत्री बन गए। बाद में राज्यपाल के यहां जाकर फडणवीस ने दावा पेश किया। केन्द्र सरकार ने तुरंत राष्ट्रपति शासन हटाया। राज्यपाल ने फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवा दी।

    यही बंगाल में हो सकता है। 7 मई को बंगाल विधानसभा का कार्यकाल खत्म होगा। तब तक ममता त्यागपत्र नहीं देंगी तो महाराष्ट्र की कहानी दोहराई जाएगी।

    हां इस बीच चुनाव आयोग परिणाम की जानकारी राज्यपाल को दे देगा। और उसका नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा।

    इस बीच सुप्रीम कोर्ट भी चाहे तो इन सब में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। नया मुख्यमंत्री बनने, नई विधानसभा बनने के बाद अदालत में जाने का विकल्प खुलेगा और भूतपूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चाहेगी तो सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट जा सकेगी।

    इन सबके परिपेक्ष्य में न भाजपा जल्दबाजी कर रही है न केन्द्र सरकार। जल्दबाजी से नई कानूनी या राजनीतिक समस्या खड़ी हो सकती है।

    ओमप्रकाश गौड़, पत्रकार, भोपाल

    5 मई 8.04 पीएम

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