नगर निगम भोपाल: फर्जी कर्मचारी नेता अशोक वर्मा पर अवैध वसूली और सरकारी वाहन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप
भोपाल | राजधानी के नगर निगम में एक बार फिर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का मामला गरमाता नजर आ रहा है। कथित कर्मचारी नेता अशोक वर्मा पर व्यापारियों से अवैध वसूली करने और सरकारी संसाधनों का निजी स्वार्थ व आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल करने के संगीन आरोप लगे हैं।
अमानक पॉलीथिन व्यापारियों से ‘अड़ी’बाजी
सूत्रों और प्राप्त शिकायतों के अनुसार, अशोक वर्मा ने पिछले कुछ समय से शहर के अमानक पॉलीथिन व्यापारियों को अपना निशाना बनाया था। खुद को कर्मचारी नेता बताकर उसने व्यापारियों पर दबाव बनाया और डरा-धमकाकर ‘अड़ी’ डाली। आरोप है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों से कार्रवाई का भय दिखाकर उसने मोटी रकम की वसूली की है।
सरकारी गाड़ी और वायरलेस का खुलेआम दुरुपयोग
हैरानी की बात यह है कि बिना किसी आधिकारिक पद या अधिकार के, अशोक वर्मा ने निगम की गाड़ी और वायरलेस सेट पर कब्जा जमा रखा था। बताया जा रहा है कि किसी एक व्यक्ति के संरक्षण में उसने इन सरकारी संसाधनों का जमकर निजी इस्तेमाल किया।
*गाड़ी से अवैध शराब सप्


