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    हरदा पुलिस से प्रश्न है कि क्या हरदा में आतंकवादी रह रहे हैं, जिनको ढूंढने के लिए रोज इतना सघन चेकिंग अभियान चला रहे हो ?

    मैं एकबार car से कश्मीर गया था, वहां भी इतनी सघन वाहन चेकिंग नहीं देखी, जितनी हरदा में चप्पे चप्पे पर चेकिंग चलती है. मेरा हरदा पुलिस से प्रश्न है कि क्या हरदा में आतंकवादी रह रहे हैं, जिनको ढूंढने के लिए रोज इतना सघन चेकिंग अभियान चला रहे हो ?

    और आप पकड़ते किसको हैं ? जिनको सरकार आत्यंतिक गरीब की श्रेणी में रखती है. जो बेचारा दिनभर दिहाड़ी करके 500 रूपये भी नहीं कमा पाता है; उसको पकड़ते हो. अथवा जो व्यक्ति हरदा से गुजरकर जा रहा हो, सीधा सादा हो. उसको पकड़ते हो, परेशान करते हो.
    वहीँ सफ़ेदपोश पर हाथ डालने में ही हरदा पुलिस को डर लगता है.
    एक छुटके से सांसद प्रतिनिधि “राजीव कमेडिया उर्फ़ राजू चोर” पर ठीक ठाक धाराएं लिखकर अन्दर करने की बोल दूँ तो पुलिस के अफसरों की रूह कांप जाती है.

    इसलिए मैं हरदा के समस्त पुलिस कर्मियों और अफसरों से पूछना भी चाहता हूँ कि आपने वर्दी किसलिए धारण की है ?
    कहीं इसलिए तो नहीं कि वर्दी पहनकर काले चश्में लगाकर सिंघम बनेंगे फिर गरीबों को सताएँगे; बस. और वहीँ दूसरी ओर राजू चोर जैसे अदने से नेता के गंभीर अपराधों पर भी आँख मूंद लेंगे. क्या इसलिए वर्दी पहनी थी ?

    मैं अभी भी हरदा पुलिस से विनम्रतापूर्वक आग्रह करूँगा कि आपके द्वारा आवश्यकता से अधिक चेकिंग चलाने की वजह से हरदा आने जाने में ही लोगों को डर लगने लगा है. परिणाम स्वरुप हरदा में व्यापार ठप्प हो गया है, अनेक दुकानें तो बंद होने की कगार पर आ गई हैं. क्योंकि ग्राहक आपकी चेकिंग के डर से हरदा आने-जाने में ही डर रहा है. लोग हरदा होते हुए अन्य जिलों में निकलकर जाने में ही डर रहे हैं.

    सरजी वह पुलिसिंग अच्छी नहीं होती है, जिससे आम innocent नागरिक पुलिस से डरे और अपराधी बेख़ौफ़ घुमे, अपराधी तो अपराधी है. फिर वह कोई सांसद प्रतिनिधि ही क्यों ना हो ? या फिर स्वयं सांसदजी ही क्यों ना हो ?
    गरीब या आम नागरिकों को डराने में कोई दमदारी थोड़े ही है. दमदारी है सफ़ेदपोश चोरों से लड़ जाने में.
    मैं तो पुरे पुलिस विभाग से कहूँगा कि आज देश की व्यवस्था जो बिगड़ी है, उसका मूल कारण अच्छी पोस्टिंग के लिए पुलिस द्वारा नेताओं की गुलामी करना है. जिस दिन पुलिस का जमीर जाग गया, उस दिन इस देश का सिस्टम बिना किसी क्रांति के 1 झटके में ही सुधर जाएगा. अतः सुधार का सूत्रधार बनें; गुलामी के जाल से विमुक्त हों. तभी असली देशभक्ति और जनसेवा होगी.

    एक ख़बर तो मेरे पास ऐसी भी आई जिसमें एक व्यक्ति उनकी बच्ची का रिश्ता करने हरदा आए थे और पुलिस ने चेकिंग के दौरान उनको पकड़कर पैसा वसूल कर लिया, जिससे होने वाले समधीजी का मुड़ ख़राब हो गया और उन्होंने यह कहकर रिश्ते से मना कर दिया कि बच्ची का सम्बन्ध यहाँ कर दिया तो जब भी बच्ची से मिलने आएँगे तब पुलिस को पैसा देना पड़ेगा, हमको ऐसे जिले में रिश्ता नहीं पुरता. (ऐसा ही चलता रहा तो हमारे हरदा के बच्चे तो कुंवारे ही मर जाएँगे).😆😆

    इसलिए पुनः हरदा पुलिस से आग्रह करूँगा कि रोज रोज का यह वाहन चेकिंग अभियान बंद करें. आपके इस कृत्य की वजह से पूरा हरदा परेशान है. ऐसा ना हो कि यह वाहन चेकिंग ही हरदा में GEN-Z विद्रोह का कारण बने.

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