
पानी को तरसा रहे और आत्मसम्मान का फरेबी दावा
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हर महीने की तरह इस महीने भी मध्यप्रदेश के बड़े विज्ञापन में लाड़ली बहनों को करोड़ों के अंतरण का ढिंढोरा पीटा गया है.इसमें मोदी/मोहन के फोटो के साथ हँसते नूरानी चेहरे वाली एक लाड़ली का फोटो भी है जो हितग्राही के बजाए माडॅल नजर आ रही है.ठीक उसी तरह से जैसे मामा शिवराज के राज में प्रदेश की सड़कों की यशोगाथा के साथ फोटो कहीं और का नमूदार होता था.बेहतर होता कोई ऐसा फोटो लगाया जाता जो माडल की बजाए हितग्राही का नजर आता.
यह विज्ञापन डेढ़ हजार की रकम को बहनों के आत्मसम्मान से जोड़ता है जबकि प्रदेश की in nn बहनों,बेटियों और बहुओं को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए कैसी खौफनाक कवायद करना पड़ती है इसकी खबरों पर भी नजर डालना जरूरी है.इसके साथ दैनिक भास्कर की ताजा खबर भी पढ़ी जानी चाहिए जो जिसके अनुसार लखपति दीदियों की आमदनी हजारों में सिमट कर रह गई है. Prakash Dikshit dwara


