मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज एक ऐसी कहानी, जहां हत्या सिर्फ एक अपराध नहीं रही, बल्कि रिश्तों के ताने-बाने को चीरती हुई एक खौफनाक साजिश बन गई। टीकमगढ़ के जतारा में एक युवक की शादी के महज 14 दिन बाद ही उसकी जिंदगी बेरहमी से खत्म कर दी गई।
शुरुआत में मामला सीधा नजर आया, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ी, यह मर्डर मिस्ट्री उलझती चली गई। आखिर इस हत्या के पीछे कौन था? कैसे रची गई इतनी खौफनाक साजिश?
17 जुलाई 2022, जतारा (टीकमगढ़)। सुबह हल्की बारिश के बाद गांव की जिंदगी सामान्य थी। लेकिन महिप घोष के घर में एक अजीब सी बेचैनी थी। उनका बेटा नवीन दो घंटे पहले जामुन लेने निकला था, लेकिन अब तक लौटा नहीं था। फोन भी बंद जा रहा था।
महिप ने बहू अंजली से पूछा, “देखो, कहां रह गया नवीन?” अंजलि ने फोन मिलाया, लेकिन संपर्क नहीं हाे सका।

दोपहर का सन्नाटा और मौत की खबर
करीब दोपहर के 2 बजे थे। महिप खाना खाने बैठे ही थे कि अचानक गांव में हड़कंप मच गया। लोग एक दिशा में भाग रहे थे। खबर आई-एक युवक खेत में लहूलुहान पड़ा है, गला कटा हुआ।
महिप का दिल धड़क उठा। अनहोनी की आशंका उन्हें उस भीड़ की ओर खींच ले गई। वहां जो उन्होंने देखा, उसने उनकी दुनिया उजाड़ दी।

दिनदहाड़े कत्ल, लेकिन हत्यारा कौन?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गांव में सन्नाटा था, लेकिन सवालों का शोर बढ़ता जा रहा था। नवीन की किसी से दुश्मनी नहीं थी। शादी को अभी सिर्फ 14 दिन हुए थे। तो आखिर कौन था, जिसने इतनी बेरहमी से उसकी हत्या कर दी?
जांच के दौरान शांति नाम की महिला सामने आई। वह घटना के वक्त पास ही थी। उसने बताया, ‘मैं बकरी लेने जा रही थी। देखा, दो-तीन लड़के आपस में मारपीट कर रहे थे। जब मैं पास पहुंची, बाकी लड़के भाग गए। नवीन जमीन पर पड़ा था… मर चुका था।’

तीन हमलावर, एक चाकू, एक की शिनाख्त
मामले में असली मोड़ तब आया जब वीर सिंह और द्वारका घोष ने बयान दिया। दोनों घटना के समय पास के पेड़ से जामुन खा रहे थे। उन्होंने बताया, ‘नवीन की चीख सुनकर हम नीचे उतरे।
देखा तो तीन लड़के उसे पीट रहे थे। एक के हाथ में चाकू था। हमें देखते ही वे सफेद गाड़ी में बैठकर भाग गए।’ सबसे अहम बात ये थी कि उन्होंने एक हमलावर को पहचान लिया। वह एक नाबालिग था, जो इलाके का ही रहने वाला था।

गिरफ्तारी के बाद भी उलझती गई कहानी
पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के नाम बताए-अक्षय घोष और एक अन्य नाबालिग। लेकिन खुद को निर्दोष बताने की कोशिश करता रहा।अक्षय फरार था। पुलिस उसे ढूंढती रही… और वह बेखौफ घूमता रहा।
करीब एक महीने बाद सराय मंडी से उसकी गिरफ्तारी हुई। अब तक ये लग रहा था कि दो युवकों और एक नाबालिग ने मिलकर नवीन की हत्या की है। हालांकि ये पूरी तरह सच नहीं था। इस केस में अभी ट्विस्ट बाकी था।
सबसे बड़ा मोड़- फरियादी भी आया संदेह के घेरे में
अक्षय ने खुलासा किया कि एफआईआर दर्ज कराने वाला नरेंद्र अंजलि से खुद शादी करना चाहता था। लेकिन, अंजलि की शादी नवीन से हो गई। इसी का बदला लेने के लिए नरेंद्र ने साजिश रची। उसके मुताबिक, नरेंद्र ने ही नवीन की हत्या की योजना बनाई और शक से बचने के लिए खुद ही रिपोर्ट दर्ज कराई।

अब इन सवालों को जवाब की तलाश थी-
नवीन का कत्ल किसने किया?
क्या गिरफ्तार किए गए नाबालिग और उसके साथी ही कातिल थे?
क्या वो नरेंद्र का नाम लेकर पुलिस को गुमराह कर रहे थे?
या फिर नरेंद्र ही इस वारदात के पीछे था?
हत्या का मकसद क्या था?


