प्रदेश में 1 मई से शुरू होने वाली जनगणना के तहत मकान गणना की प्रक्रिया में देरी हो रही है। 4 मई तक भी कई जोन में प्रगणकों को आईडी कार्ड नहीं मिले हैं। कई प्रगणकों ने शिकायत की है कि जनगणना के लिए दिया गया एप सही तरीके से काम नहीं कर रहा।
वहीं सुपरवाइजरों का कहना है कि उनके अधीन काम करने वाले प्रगणक ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं और फोन भी नहीं उठा रहे हैं। इससे फील्ड वर्क प्रभावित हो रहा है। जोनल कार्यालयों में लोगों की भीड़ लगी हुई है। प्रगणक आईडी कार्ड और अन्य जरूरी संसाधनों के लिए लगातार चक्कर लगा रहे हैं।
जनगणना के दौरान तैयार किया जाने वाला नजरी नक्शा (मैप) मैनुअल बनाना पड़ रहा है, जिसमें भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। तकनीकी समस्याओं के चलते काम बहुत धीरे हो रहा है।

जनगणना का एप ही काम नहीं कर रहा
प्रगणक जितेंद्र चौहान ने बताया कि जनगणना के लिए जो एप दिया गया है वह सही से काम नहीं कर रहा है। अभी कई लोगों के यूजर आईडी और पासवर्ड भी नहीं बन पाए हैं। प्रगणकों को मैप तो मिल गया। लेकिन उसमें प्रगणक की बाउंड्री क्या है यह अभी तक तय नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि जोन कार्यालय से कोई हमारी मदद करे तो ये काम जल्दी शुरू हो पाएगा।

कई जोन में फील्ड पर गणना शुरू
वहीं राजधानी के कई जोन कार्यालयों में काम पुरा हो चुका है। प्रगणकों ने फील्ड पर गणना का काम शुरू कर दिया है। कमिश्नर ऑफिस के पास स्थित जोन कार्यालय-7 के जोनल ऑफिसर अंकित जयसवाल ने बताया कि हमारे यहां 91 प्रगणक हैं और 16 सुपरवाइजर हैं।
सभी लोग फील्ड पर काम कर रहे हैं। अभी तक कोई समस्या नहीं आई है। किसी को कोई प्रॉब्लम आ भी रही है तो हमने एक टीम बनाई है। वो टीम समस्याओं का समधान कर रही है।


