
राजधानी के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए गुरुवार का दिन खास रहा। शहर की ऐतिहासिक धरोहर मौलाना आज़ाद सेंट्रल लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित 190 नई पुस्तकों का भव्य विमोचन किया गया। 117 वर्ष पुराना यह केंद्रीय पुस्तकालय अब तेजी से आधुनिक ‘करियर हब’ के रूप में विकसित हो रहा है, जहां पारंपरिक ज्ञान और डिजिटल सुविधाओं का संतुलित समावेश देखने को मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय ग्रंथपाल रत्ना वाधवानी ने कहा कि पुस्तकालय का उद्देश्य हर मेहनती छात्र तक गुणवत्तापूर्ण और नवीनतम अध्ययन सामग्री पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि लॉन्च की गई सभी पुस्तकें 2025-26 के परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं, जिससे विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि लाइब्रेरी केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि एकाग्रता और सकारात्मक अध्ययन वातावरण का केंद्र बन चुकी है।

लाइब्रेरी मैनेजर रचित मालवीय ने तकनीकी उन्नयन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रदेश की पहली RFID-युक्त शासकीय लाइब्रेरी है। यहां छात्र सेल्फ इश्यू-रिटर्न कियोस्क और OPAC सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं। नई पुस्तकों को व्यवस्थित तरीके से रखा गया है, ताकि छात्रों को उन्हें खोजने और उपयोग करने में आसानी हो। उन्होंने भरोसा जताया कि यह नया कलेक्शन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का ग्राफ बढ़ाने में मदद करेगा।
हर बड़ी परीक्षा के लिए अपडेटेड कलेक्शन
लॉन्च की गई पुस्तकों में MPESB, शिक्षक पात्रता, MPPSC, UPSC, रेलवे, पुलिस, SSC, CPCT, NEET और SSB इंटरव्यू जैसी परीक्षाओं से जुड़ी नवीनतम किताबें शामिल हैं। इनमें NCERT की फाउंडेशन बुक्स से लेकर करेंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज, साइंस और टेक्नोलॉजी तक का व्यापक संग्रह उपलब्ध कराया गया है।
117 साल पुरानी विरासत, अब डिजिटल रूप में भी मजबूत
साल 1908 में स्थापित यह पुस्तकालय आज भी मध्यप्रदेश का सबसे समृद्ध ज्ञान-केंद्र माना जाता है। यहां एक लाख से अधिक दुर्लभ पुस्तकें और पांडुलिपियां संरक्षित हैं। जिला प्रशासन के सहयोग से लाइब्रेरी को डिजिटल सुविधाओं, फ्री वाई-फाई और दुर्लभ ग्रंथों के डिजिटलीकरण से लैस किया जा रहा है। साथ ही इसे शोधगंगा और INFLIBNET जैसे राष्ट्रीय रिसर्च प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है।

आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए विशेष पहल
पुस्तकालय में ‘स्टडी सर्किल’ के माध्यम से जरूरतमंद छात्रों को निशुल्क अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल उन युवाओं के लिए संबल बन रही है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देख रहे हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और पुस्तकालय स्टाफ मौजूद रहे। प्रबंधन ने सभी पंजीकृत पाठकों और नए छात्रों से अपील की है कि वे इस नए कलेक्शन का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने करियर को नई दिशा दें।


