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    Homeप्रदेशभोपाल के रायसेन रोड से हटाईं 70 दुकानें-42 झुग्गियां

    भोपाल के रायसेन रोड से हटाईं 70 दुकानें-42 झुग्गियां

    भोपाल के रायसेन रोड के चौड़ीकरण के लिए शनिवार को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। यहां से 70 दुकानें और 42 झुग्गियां हटाई गईं। प्रशासन के अनुसार, जिस जमीन से कब्जा हटाया, उसका बाजार मूल्य 40 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इधर, कांग्रेसियों ने लोगों के पुर्नवास की मांग की। कई कांग्रेसी मौके पर भी पहुंचे।

    एसडीएम भुवन गुप्ता, तहसीलदार सौरभ वर्मा की मौजूदगी में यह कार्रवाई हुई। एसडीएम गुप्ता ने बताया, पिपलानी चमारन स्थित लेबर कॉलोनी झुग्गी बस्ती में ग्लोबल स्किल पार्क के सामने स्थित 70 दुकानें एवं 42 झुग्गीवासियों ने सड़क पर अवैध कब्जा कर रखा था। जिसे हटाने के लिए आज सुबह से कार्रवाई शुरू की गई। दोपहर तक प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के अमले के साथ कार्रवाई कर दी।

    जमीन की इतनी कीमत

    प्रशासन के अनुसार, मौके पर 210 मीटर पीडब्लूडी सड़क के दोनों ओर करीब 4 हजार वर्ग मीटर यानी, 43 हजार वर्गफीट जमीन की कीमत करीब 40 करोड़ रुपए है। इसी जमीन पर लंबे समय से कब्जा था। जिसे अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। यहां पर पीडब्ल्यूडी फोरलेन सड़क और ब्रिज का निर्माण कराएगा।

    कार्रवाई की 3 तस्वीरें…

    कार्रवाई के दौरान मौके पर खासा पुलिस बल भी तैनात रहा।
    कार्रवाई के दौरान मौके पर खासा पुलिस बल भी तैनात रहा।
    जेसीबी की मदद से कच्चे-पक्के मकान और दुकानें तोड़ दी गई।
    जेसीबी की मदद से कच्चे-पक्के मकान और दुकानें तोड़ दी गई।
    रायसेन रोड के चौड़ीकरण और ब्रिज निर्माण के चलते यह कार्रवाई की गई।
    रायसेन रोड के चौड़ीकरण और ब्रिज निर्माण के चलते यह कार्रवाई की गई।

    कांग्रेसियों ने कार्रवाई का विरोध जताया

    प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेताओं ने विरोध दर्ज कराया।

    कांग्रेस का आरोप है कि प्रभावित परिवारों और दुकानदारों को पर्याप्त सूचना दिए बिना उनके मकान और दुकानें तोड़ी गई हैं। कार्रवाई का विरोध करते हुए श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने कहा कि विकास के नाम पर गरीब और मेहनतकश लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं को नजरअंदाज करते हुए बरसात के मौसम में लोगों को बेघर और बेरोजगार करने का काम किया है।

    पार्षद जीत राजपूत ने कहा, यदि सड़क चौड़ीकरण आवश्यक था तो प्रभावित लोगों को पहले उचित नोटिस देकर वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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