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    देश को एकात्मकता के सूत्र में बांधने का काम किया आदी गुरू शंकराचार्यजी ने

    महावीर अग्रवाल 

      मंदसौर ८ मई ;अभी तक ;   मात्र 7 वर्ष की आयु में जिन्होंने चार वेद, उपनिषद, गीता का अध्ययन कर लिया, ऐसे आदि गुरु शंकराचार्यजी की 1236 वीं जयंती मना रहे हैं। धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने एक नागा साधुओं की फोज खड़ी करने का काम किया है। चार मठो की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्यजी द्वारा की गई है। उक्त विचार मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद द्वारा आदि गुरु शंकराचार्यजी की जयंती पर आयोजित व्याख्यान माला में उत्कृष्ट विद्यालय मंदसौर में मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहनजी नागर ने व्यक्त किये। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि आज के युग में आदि गुरु शंकराचार्यजी के बारे में नई पीढ़ी नहीं जानती हैं ,लेकिन हमारे सनातन धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने जो कार्य किया है, उसे हमें नहीं भूलना चाहिए। आदि गुरु शंकराचार्यजी ने पूरे देश को एकात्मकता के सूत्र में बांधने का काम किया है। माता की आज्ञा से उन्होंने संन्यास जरूर लिया था, लेकिन अंतिम समय में उन्होंने माता-पिता की सेवा की है। आदि गुरु शंकराचार्यजी ने मंत्रो की रचना कर नर्मदा के उग्र रूप को शांत किया था। आज भी मंत्रो में बहुत ताकत होती है। उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर ने आज के परिपेक्ष्य में भारत-पाकिस्तान के बीच हो रहे हैं तनाव को लेकर कहा कि भारत को अगर कोई छेङेगा तो भारत उसे छोड़ेगा नहीं ।

                                    व्याख्यान माला मे वरिष्ठ प्रचारक रविप्रसाद बुंदेला ने कहा कि मध्यप्रदेश जअभियान परिषद निरंतर आदि गुरु शंकराचार्यजी की जयंती पर व्याख्यान माला का आयोजन कर रहा है । जो नई पीढ़ी को एक दिशा देने का काम कर रहा है । आदि गुरु शंकराचार्य जी ने 12 वर्ष की आयु में ही सन्यास ग्रहण कर लिया था, उन्होंने देश को एकता के सूत्र मे पिरोने का काम किया है।

    उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित व्याख्यान माला मे मंच पर नीमच जिला समन्वयक वीरेंद्र सिंह ,मंदसौर जिला समन्वयक तृप्ती वैरागी एवं विश्वेश्वरी भट्ट मंच पर उपस्थित थे। विश्वेश्वरी भट्ट द्वारा सुंदर रामायण का वाचन किया गया, जिनको सभी श्रोताओं में खूब सहारा। व्याख्यान माला का शुभारंभ आदि गुरु शंकराचार्यजी एवं सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ प्रारंभ हुआ। स्वागत उदबोधन जिला समन्वयक तृप्ती वैरागी ने दिया। संचालन परामर्शदाता रूपदेव सिंह सिसोदिया ने किया। अंत में आभार सीतामऊ विकासखंड नारायणसिंह निनामा ने माना। जिला समन्वयक द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर शपथ दिलाई गई । इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक अर्चना भट्ट, लेखापाल अर्चना रामावत, डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटर दशरथ नायक, राजमल प्रजापति एवं जिले के सभी परामर्शदाता , नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारी, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थी विशेष रूप से उपस्थित थे। यह जानकारी हरिओम गंधर्व ने दी।

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