पुलिस विभाग एक अत्यधिक संवेदनशील , विवेकशील एवं जनसेवना की भावना से लबालब भरा हुआ ऐसा विभाग है जिसकी तरफ आम जनता की हमेशा एक आशावादी दृष्टि रहती है
क्या हम ऐसे विभाग से यह उम्मीद रख सकते है कि उससे अगर कोई मिलने आए तो पुलिस का व्यक्ति आगंतुक से बदतमीजी से पेश आए या पहले यह पताशाजी करें कि भाई आप किसी अपराध में लिफ्ट तो नहीं हो आपके ऊपर कोई दाग तो नहीं लगा है उसके उपरांत उस व्यक्ति से मिलने की कार्रवाई प्रारंभ करें
एक चीज हमारे पुलिस विभाग में स्पष्ट रूप से बताई जाती है कि न्याय प्रिय एवम् सख्त होने के लिए बदतमीज होने की आवश्यकता कभी नहीं है
क्या हमें यह सब चीज भूल जानी चाहिए और जो हमसे मिलने के लिए आ रहा है या हम जिसे मिल रहे हैं उससे मिलते समय अपने विभाग की उच्च परंपराओं, विनम्रताओं एवं सज्जनता को भूल जाना चाहिए
या
फिर आप यह कहना चाह रहे हैं की पुलिस में ही यदि आपके कोई वरिष्ठ अधिकारी है जिनकी विभागीय जांच चल रही है या भविष्य में नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है उन्हें भी हम अभिवादन करना बंद कर दें
यह एक अत्यंत गंभीर विषय है कतिपय लोग इसका राजनीतिक लाभ उठाने के लिए या अपनी झूटी वाही वाही लेने के लिए बात का बतंगड़ करने का प्रयास कर रहे हैं
अन्यथा यह जो आदेश जारी किया गया है यह पूर्ण रूप से सही, आवश्यक एवं पुलिस प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाला है इसमें वाद विवाद की कभी आवश्यकता नहीं है
सीधी सी और बड़ी साधारण सी बात है जब भी किसी से मिलना है बड़ी विनम्रता से मिलना है उसका आदर करना है
इसमें यह कहीं भी यह नहीं लेख़ किया गया है कि हमें अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए अपनी पोस्टिंग करवाने के लिए नेताओं के इच्छा अनुसार अपने आप को डालना है, जो कि शायद आज की तारीख में प्रारंभ हो चुका है
मेरे पुलिस विभाग के समस्त सम्माननीय मित्रों से सादर निवेदन है कि अनावश्यक अनर्गल बहकावे में कदापि न आवे और अपनी विभाग की विनम्रता एवं सज्जनता को कभी भी ना छोड़े पूर्ण रूप से न्यायिक और जनता के हित में कार्य करना हमारी जवाबदारी है जिसे हम पूरी तरह से अभी तक निभा रहे हैं और आगे भी निभाएंगे
जय श्री राम
😊
योगराज सिंह
पुलिस अधीक्षक रिटायर्ड


