
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों की जानकारी को लेकर एजुकेशन पोर्टल 3.0 में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं। कई ऐसे शिक्षक जो वर्तमान में स्कूलों में कार्यरत हैं, उन्हें पोर्टल में मृत या रिटायर्ड दर्शा दिया गया है। वहीं जिन शिक्षकों की मृत्यु हो चुकी है या जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें अब भी कार्यरत बताया गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जानकारी का सत्यापन कर त्रुटियां सुधारने के निर्देश दिए हैं। संचालनालय द्वारा एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर प्रत्येक स्कूल में स्वीकृत पद, कार्यरत शिक्षक और रिक्त पदों की जानकारी अपलोड कराई गई थी। साथ ही शिक्षकों की पदस्थापना, पदनाम और विषय संबंधी जानकारी भी दर्ज की गई थी, लेकिन सत्यापन के दौरान पोर्टल पर व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां सामने आईं।
संस्था, पदनाम और विषय का दोबारा सत्यापन करें
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से शिक्षकों की पदस्थापना वाली संस्था, पदनाम और विषय संबंधी जानकारी का दोबारा सत्यापन किया जाए। इससे स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
25 मई को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में रिक्त पदों के सत्यापन को लेकर चर्चा की गई थी, जिसके बाद सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों से कहा गया है कि जिला और विकासखंड स्तर पर स्कूलों में रिक्त पदों की स्थिति का वेरिफिकेशन कर आवश्यक संशोधन किए जाएं।
डीईओ रद्द करेंगे प्रविष्टि
संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों को गलती से मृत या रिटायर्ड दर्ज कर दिया गया है, उनके मामलों में जिला शिक्षा अधिकारी सत्यापन के बाद रद्द प्रविष्टि की कार्रवाई करेंगे। वहीं जिन स्कूलों में नेटवर्क की समस्या के कारण जानकारी अपडेट नहीं हो सकी है, वहां समन्वय बनाकर डेटा अपडेट कराया जाएगा।
29 मई तक सूची भेजने के निर्देश
विभाग ने सभी जिलों से कहा है कि जिन विद्यालयों में शिक्षकों की जानकारी में संशोधन किया जाना है, उनकी अलग सूची तैयार कर 29 मई तक लोक शिक्षण संचालनालय को भेजी जाए। इसके बाद 30 मई 2026 को कमिश्नर के साथ बैठक आयोजित होगी, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी और आईटी समन्वयक शामिल रहेंगे।


