मध्य प्रदेश विधानसभा के सामने नगर निगम के फिल्टर प्लांट का मंगलवार को महापौर मालती राय ने निरीक्षण किया। उनके साथ एमआईसी मेंबर और बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यती भी थे। इस दौरान बड़ा तालाब से आए पानी को फिल्टर प्लांट में कैसे साफ किया जाता है? इसकी पूरी प्रक्रिया भी देखी।
महापौर राय ने पानी की लेबोटरी में टेस्टिंग भी कराई। फिर इसे क्लीन चिट भी दी। उन्होंने कहा कि गर्मी का मौसम है। पानी की खपत बढ़ गई है। कई इलाकों से शिकायतें मिल रही थी कि कम प्रेशर से पानी की सप्लाई हो रही है। इसलिए एमआईसी मेंबर यती, आरके सिंह बघेल, जोन अध्यक्ष बृजुला सचाण और अफसरों के साथ निरीक्षण किया है।
यहां पर बड़ा तालाब से रॉ वाटर आता है, जिसे शुद्ध करके कई इलाकों में सप्लाई करते हैं। फिर भी शिकायत थी कि बड़ा तालाब से आधी आबादी को पानी पिलाता है, जो गंदा होता है। इसलिए आज पूरा सिस्टम देखा। इसके बाद कह सकती हूं कि जिन इलाकों में बड़ा तालाब का पानी मिल रहा है, वहां रहने वाले लोगों को RO लगाने की जरूरत नहीं है। यहां से शुद्ध पानी दिया जा रहा है।

जिलाध्यक्ष, अधीक्षण यंत्री ने पी लिया पानी निरीक्षण के दौरान महापौर समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने लैब में पानी की टेस्टिंग कराई। टेस्ट में पास हुए पानी को महापौर राय के सामने ही जिलाध्यक्ष यती, अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने पी लिया।

भोपाल में 4 स्रोतों से सप्लाई होता है पानी बता दें कि भोपाल में चार स्रोतों से पानी सप्लाई होता है। इनमें आधे से ज्यादा इलाकों में कोलार डैम का पानी पहुंचता है। कोलार रोड स्थित कॉलोनियों में केरवा डैम, बड़ा तालाब से लालघाटी, कोहेफिजा की तरफ पानी सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा नर्मदा नदी का पानी भी कई इलाकों में पहुंचता है। यह होशंगाबाद रोड, इससे जुड़ी कॉलोनियों में पहुंचता है।


