
एक हाथ नहीं, हौसलों के सहारे जीवन की गाड़ी खींच रहे हैं लालजी महावर — आइए, हम सब उनका हाथ बनें
मानवता की पुकार : क्या हम लालजी महावर के संघर्ष में सहभागी बनेंगे?
पुराने भोपाल के मंगलवारा क्षेत्र में यदि आप कभी गुजरे हों, तो संभव है कि आपने एक ऐसे मेहनतकश व्यक्ति को देखा हो जो एक हाथ न होने के बावजूद ठेला खींचकर अपने परिवार का पेट पालने के लिए दिन-रात संघर्ष कर रहा है। यह संघर्षरत व्यक्ति हैं श्री लालजी महावर (कोली)।
एक हाथ से वंचित होने के बावजूद लालजी जी ने कभी भी भीख मांगने या हार मानने का रास्ता नहीं चुना। वे अपनी शारीरिक कठिनाइयों को चुनौती देते हुए प्रतिदिन मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनकी यह जीवटता और आत्मसम्मान हम सभी के लिए प्रेरणा है।
लेकिन सोचिए, जिस व्यक्ति को दो हाथों से भी यह काम करना कठिन लगे, वह एक हाथ से ठेला खींचकर अपने परिवार का जीवन चला रहा है। उनके बच्चे भी हैं, जिनकी शिक्षा, भविष्य और बुनियादी आवश्यकताओं की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है।
आज हजारों लोग उन्हें प्रतिदिन काम करते हुए देखते हैं, लेकिन शायद उनकी पीड़ा और संघर्ष को महसूस करने वाले बहुत कम हैं। यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति, संस्था, समाजसेवी संगठन या जनप्रतिनिधि थोड़ा-सा भी सहयोग करे, तो लालजी जी और उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है।
आप किस प्रकार सहयोग कर सकते हैं?
✅ बच्चों की शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता
✅ राशन, कपड़े एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना
✅ स्वरोजगार हेतु ठेला, ई-रिक्शा या अन्य साधन उपलब्ध कराना
✅ सरकारी दिव्यांगजन योजनाओं से जोड़ने में सहायता करना
✅ चिकित्सा एवं पुनर्वास संबंधी सहयोग
✅ मासिक आर्थिक सहयोग या रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना
मानवता का धर्म निभाएं
लालजी महावर जी ने परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेके हैं। अब समाज का दायित्व है कि उनके संघर्ष में सहभागी बने और उनके परिवार को बेहतर भविष्य देने में मदद करे।
यदि कोई समाजसेवी संस्था, सामाजिक संगठन, उद्योगपति, जनप्रतिनिधि अथवा संवेदनशील नागरिक व्यक्तिगत रूप से मिलकर सहायता करना चाहता हो, तो कृपया आगे आएं।
संपर्क: 911171329 (जैसा उपलब्ध कराया गया है)
“किसी जरूरतमंद की सहायता करना दान नहीं, बल्कि मानवता का सबसे बड़ा कर्तव्य है।”
आइए, लालजी महावर जी के संघर्ष को सम्मान दें और उनके बच्चों के भविष्य को संवारने में अपना योगदान दें। 🙏
– एक संवेदनशील नागरिक की ओर से जनहित में अपील


