
छतरपुर जिले में चंदला से 15 किलोमीटर दूर अटइया बाबा का सिद्ध स्थान है जहाँ कोई मंदिर नहीं सिर्फ़ पीपल का पेड़ है और चबूतरा बना है। कभी बंजर पहाड़ियाँ हुआ करती थीं लेकिन एक संत श्री राजाराम पाल बाबा देवगांव अजयगढ़ से परिवार को त्याग कर पीपल पेड़ के नीचे अटैया बाबा की सेवा में समर्पित हो गए। आँखों में 1-2% ही दिखता होगा लेकिन बाबा ने अपनी ईमानदारी से अटैया बाबा की प्राकृतिक शक्ति का ऐहसास करवा दिया। पहले कभी डाकू शरण लिया करते थे लेकिन आज 2-3 लाख लोग मध्यप्रदेश उत्तरप्रदेश से जग्ग भंडारा में पहुंचे। बाबा की ईमानदारी का असर देखिए कि एक आवाज में 1000 क्विंटल गेहूं आ गया और 52 गाँव भंडारा बनाने में लगे हुए हैं। बाबा हमारे गांव के हैं इसलिए मुझे बताते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि हमारे पिता जी के साथ बकरी चराते थे, इनके भाई आज भी भैंस पालन करके जीवन यापन करते हैं। संत होना बड़ी बात है लेकिन ईमानदार संत वही होते हैं जिनपर ईश्वर कृपा करते हैं। जय अटैया बाबा की और जय राजाराम बाबा की। #यज्ञ #चंदला #अटैया #बाबा


