नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी, लेकिन इससे पहले ही पूरा मध्य प्रदेश जमकर तप रहा है। उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग हीटवेव की चपेट में हैं। मौसम केंद्र भोपाल की मानें तो आने वाले दिनों में तेज गर्मी का दौर बना रहेगा।
मौसम विभाग ने शनिवार को कुल 42 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में रेड अलर्ट है जबकि ग्वालियर समेत 21 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट है। 18 जिलों में लू का यलो अलर्ट है।
इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के 10 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। छतरपुर के 2 शहर- नौगांव और खजुराहो प्रदेश में सबसे गर्म रहे। नौगांव में पारा 46.8 डिग्री और खजुराहो में 46.4 डिग्री दर्ज किया गया। टीकमगढ़-सतना में 44.5 डिग्री, दतिया में 44.4 डिग्री, नरसिंहपुर-दमोह में 44.2 डिग्री, सागर-राजगढ़ में पारा 44 डिग्री रहा।
प्रदेश के 5 बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा 43.7 डिग्री, भोपाल में 42.2 डिग्री, इंदौर में 41.4 डिग्री और उज्जैन में 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले गर्मी के कारण गैजेट्स को होने वाले नुकसान के बारे में जान लीजिए
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45°C पार पहुंच गया है। इस दौरान मोबाइल, लैपटॉप या पावर बैंक जल्दी गर्म होते हैं। इससे बैटरी डैमेज, लो परफॉर्मेंस या अचानक डिवाइस बंद होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि हाई टेम्परेचर का गैजेट्स पर क्या प्रभाव पड़ता है और इन्हें ओवरहीटिंग से कैसे बचाएं?


आज इन जिलों में हीटवेव का अलर्ट
3 जिलों में रेड अलर्ट: टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना।
21 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, अशोक नगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, मऊगंज और रीवा।
18 जिलों में लू का यलो अलर्ट: भोपाल, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर।
13 जिलों में तेज गर्मी: इंदौर, देवास, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट।

मैप में समझें, अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई तक गर्मी का यह दौर अपने पीक पर रहेगा। विभाग ने अगले 4 दिन यानी 26 मई तक के लिए गर्मी का फोरकास्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि चार दिन तक पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर बना रहेगा, यानी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।
25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है। इन 9 दिन में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ेगी।




लू से बचने के लिए दोपहर में घर में ही रहें
मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि दोपहर 12 से 3 बजे तक गर्मी का ज्यादा असर रहेगा। ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। हलके रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें।

मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड
भोपाल में गर्मी के साथ बारिश का भी दौर
भोपाल में मई में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड भी रहा है। यहां 2016 में तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 2014 से 2023 तक हर साल मई में बारिश दर्ज की गई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है।

इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी
इंदौर में मई में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को यहां रिकॉर्ड 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मई में मौसम बदलने के साथ बादल और बौछारें भी होती हैं। पिछले साल करीब 3 इंच बारिश हुई थी। यहां 2014 से 2023 के बीच 9 बार मई में बारिश हो चुकी है।

ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा
ग्वालियर में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां तापमान एक बार 47 डिग्री और तीन बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को यहां रिकॉर्ड 48.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।
मौसम में बदलाव के कारण मई में ग्वालियर में बारिश भी होती है। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। 2023 में भी यहां ढाई इंच पानी गिरा था।

जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान
जबलपुर में 25 मई 1954 को तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 10 साल में तीन बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया है। मई में यहां बारिश का ट्रेंड भी रहा है। 2014 से 2023 तक हर साल इस महीने बारिश हुई। जबलपुर में 2021 की मई में 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि पिछले साल करीब 2 इंच पानी गिरा था।

उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में मई में गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को यहां तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया। हालांकि, पिछले साल तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं पहुंचा। मई में यहां बारिश भी होती है। पिछले साल करीब पौन इंच पानी गिरा था।



