मध्य प्रदेश में नौतपा शुरू होने से पहले ही भीषण गर्मी पड़ रही है। सुबह 9 से 11 बजे के बीच पारा 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से तीन बजे तक बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के अनुसार, अगले 10 दिन यानी 31 मई तक गर्मी का यह दौर अपने पीक पर रहेगा। शुक्रवार को निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जगहों पर पारा 46 डिग्री के पार जाने की आशंका है।
मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले गर्मी में पानी बचाने के 11 तरीके जान लीजिए
गर्मियों में पीने, नहाने, खाना पकाने और साफ-सफाई में भी पानी की खपत बढ़ जाती है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज हम पानी स्टोर करने के आसान टिप्स समझेंगे। साथ ही जानेंगे- गर्मियों में पानी की किल्लत क्यों होती है और गर्मियों में घर में कितने पानी का स्टोरेज होना चाहिए?


आज इन जिलों में हीटवेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 41 जिलों में लू (Heatwave) की चेतावनी जारी की है।
4 जिलों में रेड अलर्ट : निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू का रेड अलर्ट है। यहां तापमान 46 डिग्री के पार जा सकता है।
21 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
20 जिलों में लू का येलो अलर्ट: भोपाल, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर, शाजापुर, रायसेन, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में येलो अलर्ट है। यहां तापमान 43 से 45 डिग्री के आसपास रहेगा।
9 जिलों में तेज गर्मी: इंदौर, देवास, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, धार, बड़वानी, झाबुआ और आलीराजपुर में लू की सीधी चेतावनी तो नहीं है, लेकिन उमस और तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा।
अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम…
मौसम विभाग ने अगले तीन दिन यानी 25 मई तक के लिए गर्मी का फोरकास्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि तीन दिन तक पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर बना रहेगा, यानी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है। इन 9 दिन में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ेगी।



एडवाइजरी- दोपहर 3 बजे तक भीषण गर्मी, घरों में ही रहें
मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि दोपहर 12 से 3 बजे तक गर्मी का ज्यादा असर रहेगा। ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। हलके रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें।

मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड
भोपाल में गर्मी के साथ बारिश का भी दौर
भोपाल में मई में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड भी रहा है। यहां 2016 में तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 2014 से 2023 तक हर साल मई में बारिश दर्ज की गई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है।

इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी
इंदौर में मई में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को यहां रिकॉर्ड 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मई में मौसम बदलने के साथ बादल और बौछारें भी होती हैं। पिछले साल करीब 3 इंच बारिश हुई थी। 2014 से 2023 के बीच 9 बार मई में बारिश हो चुकी है।

ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा
ग्वालियर में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां तापमान एक बार 47 डिग्री और तीन बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को यहां रिकॉर्ड 48.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।
मौसम में बदलाव के कारण मई में ग्वालियर में बारिश भी होती है। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। 2023 में भी यहां ढाई इंच पानी गिरा था।

जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान
जबलपुर में 25 मई 1954 को तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 10 साल में तीन बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया है। मई में यहां बारिश का ट्रेंड भी रहा है। 2014 से 2023 तक हर साल इस महीने बारिश हुई। 2021 की मई में 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि पिछले साल करीब 2 इंच पानी गिरा था।

उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में मई में गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को यहां तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया। हालांकि, पिछले साल तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं पहुंचा। मई में यहां बारिश भी होती है। पिछले साल करीब पौन इंच पानी गिरा था।



