मध्य प्रदेश में आंधी, बारिश और ओले का दौर जारी है। 4 दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। तेज गर्मी की बजाय बारिश हो रही है। ऐसा ही मौसम अगले 4 दिन तक बना रहेगा।
मौसम केंद्र भोपाल (IMD) ने सोमवार को 34 जिलों में आंधी-बारिश और 6 में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। आज भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और रीवा में ओले गिर सकते हैं।
वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
आंधी की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) की एक्टिविटी है।
इस वजह से तेज आंधी, बारिश का दौर चल रहा है। कहीं-कहीं ओले भी गिर रहे हैं। 7 मई तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
भीषण गर्मी का ट्रेंड, लेकिन इस बार बदलाव
जानकारों की माने तो मई महीने में भीषण गर्मी का ट्रेंड रहा है, लेकिन इस बार मई की शुरुआत आंधी-बारिश के साथ हुई है। अगले 4 दिन यानी 7 मई तक प्रदेश में ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
बता दें, गुरुवार को तेज आंधी के कारण जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूब गया था। जिससे 13 जानें चली गईं। इसके बाद शनिवार को बैतूल में आंधी की रफ्तार रिकॉर्ड 85 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई थी।
अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम…




मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड…
भोपाल में गर्मी-बारिश का ट्रेंड
भोपाल में मई में मौसम के ट्रेंड की बात करें तो 10 साल में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही दौर रहा है। 2016 में पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है।
यहां इस महीने बारिश भी होती है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है।

इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी
इंदौर में भी पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को इतना तापमान दर्ज किया गया था।
इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। पिछले साल पूरे महीने 3 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है।

ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा
ग्वालियर में गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां पारा एक बार 47 डिग्री और 3 बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को 48.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था।
17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी, यानी डेढ़ इंच से अधिक बारिश हुई थी। 2023 में भी ढाई इंच पानी गिरा था।

जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान
जबलपुर की बात करें तो यहां 25 मई 1954 को पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। 10 साल में 3 बार टेम्परेचर 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक भी रहा है।
जबलपुर में मई में बारिश का ट्रेंड भी रहता है। 2014 से 2023 में हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। पिछले साल 2 इंच पानी गिरा था।

उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में भी इस महीने गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री के पार रह चुका है। हालांकि, पिछले साल पारा 42.4 डिग्री से ज्यादा नहीं गया था। इस महीने पौन इंच के करीब बारिश भी हुई थी।



