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    AI का ‘वीर’ या डिजिटल ठगी का उस्ताद?

    AI का ‘वीर’ या डिजिटल ठगी का उस्ताद?
    नेताओं संग फोटो, स्कूल का संचालन और AI से फर्जी तस्वीरें
    सिंगरौली का ‘नटवरलाल’ रितेश शाह बेनकाब

    सिंगरौली / प्रचण्ड प्रहार।
    सिंगरौली जिले में इन दिनों एक ऐसा नाम चर्चा में है, जिसे लोग व्यंग्य में “AI वीर रितेश शाह” कहने लगे हैं। वजह साफ है ऐसा दावा किया जा रहा है कि शायद ही कोई बड़ा नेता होगा, जिससे इस व्यक्ति ने मुलाकात न की हो और जिसके साथ इसकी तस्वीर न हो। लेकिन अब सवाल यह है कि ये तस्वीरें असली हैं या AI से गढ़ी गई फर्जी छवियां, जिनका इस्तेमाल भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा है?

    उपलब्ध दो अलग-अलग शिकायती आवेदनों ने एक खतरनाक और चिंताजनक तस्वीर सामने रख दी है। रितेश साहू उर्फ रितेश शाह नाम का यह व्यक्ति कभी सरकारी ट्रांसफर तो कभी नामी औद्योगिक कंपनी हिंडालको में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। हैरानी की बात यह है कि यह व्यक्ति खुद को स्कूल संचालक बताता है— और आरोप है कि बच्चों को सीखने की विद्या नहीं, बल्कि AI से फर्जी फोटो और झूठी पहचान गढ़ने की कला सिखा रहा है।

    मामला 1: शिक्षिका को ट्रांसफर का झांसा, 50 हजार की ठगी

    पहला मामला थाना कोतवाली वैढन क्षेत्र का है।
    पीड़िता ऋतु गुप्ता (पति— जितेंद्र गुप्ता), मूल निवासी इंदौर, वर्तमान में सिंगरौली के बड़गड़ स्कूल में वर्ग-3 की शासकीय शिक्षिका हैं। शिकायत के अनुसार, गृह जिले से दूर पदस्थापना के कारण वह ट्रांसफर के लिए प्रयासरत थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात रितेश साहू से हुई।

    रितेश ने अपनी कथित राजनीतिक पकड़ और ऊंचे संपर्कों का हवाला देते हुए ट्रांसफर कराने का दावा किया। भरोसा जीतने के लिए नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें दिखाईं। झांसे में आकर शिक्षिका ने 50,000 रुपये ऑनलाइन रितेश के मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर कर दिए।
    न ट्रांसफर हुआ, न पैसा वापस मिला उल्टा अब आरोपी द्वारा मानसिक प्रताड़ना किए जाने का आरोप है।

    मामला 2: हिंडालको में नौकरी का झांसा, 1 लाख हड़पे

    दूसरा मामला थाना बरगवां क्षेत्र का है।
    पीड़ित सूर्या साहू, निवासी जिला सीधी, ने शिकायत में बताया कि रितेश शाह ने खुद को हिंडालको कंपनी में “अच्छी पकड़” वाला बताते हुए नौकरी दिलाने का वादा किया। बदले में 1 लाख रुपये मांगे गए।

    पीड़ित ने अगस्त 2024 में

    50,000 रुपये PhonePe से,

    50,000 रुपये नकद दिए।

    महीनों बीत गए, न नौकरी मिली और न पैसे लौटे। अब आरोपी फोन उठाना भी बंद कर चुका है और साफ कह चुका है “न पैसा दूंगा, न नौकरी लगवाऊंगा।”

    ठगी का तरीका (Modus Operandi)

    दोनों मामलों से एक समान पैटर्न सामने आता है—

    लोगों की मजबूरी (ट्रांसफर, बेरोजगारी) को पहचानना

    नेताओं के साथ तस्वीरें दिखाकर भरोसा जीतना

    आधा पैसा ऑनलाइन, आधा नकद लेना

    काम न होने पर टालमटोल, फिर धमकी या संपर्क बंद

    यानी यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित और आदतन ठगी का मामला प्रतीत होता है।

    AI फोटो और सोशल मीडिया का खतरनाक खेल

    सबसे गंभीर पहलू यह है कि रितेश शाह पर AI से फर्जी तस्वीरें बनाने और उन्हें असली बताकर सोशल मीडिया पर प्रचारित करने का आरोप है। यही तस्वीरें देखकर लोग यह मान लेते हैं कि वह बड़े नेताओं का करीबी है।
    यह डिजिटल युग की नई ठगी है जहाँ AI हथियार बन चुका है और कानून उससे कई कदम पीछे खड़ा नजर आता है।

    तीखा सवाल: ऐसे शिक्षक और ऐसे भरोसे दोनों दोषी?

    इस पूरे प्रकरण में एक असहज सवाल भी खड़ा होता है
    क्या केवल रितेश शाह ही दोषी है?

    जो लोग सोशल मीडिया पर नेताओं के साथ फोटो देखकर आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं, क्या उनकी जिम्मेदारी नहीं बनती?
    और उससे भी बड़ा सवाल
    क्या ऐसे शिक्षक को सेवा में बने रहने का अधिकार है, जो असली और नकली में फर्क न कर सके?

    यदि कोई शासकीय शिक्षक इतनी आसानी से नटवरलालों के झांसे में आ जाए, तो यह शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न है। ऐसे मामलों में विभागीय जांच और कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि सेवा से पृथक करने की मांग भी उठ रही है।

    पुलिस के सामने बड़ी चुनौती

    एक ही व्यक्ति के खिलाफ वैढन और बरगवां— दो अलग-अलग थानों में शिकायतें पहुंचना साफ संकेत है कि यह मामला साधारण नहीं है।
    अब सवाल यह है कि

    क्या सिंगरौली पुलिस इस ‘AI नटवरलाल’ को गिरफ्तार करेगी?

    क्या ठगी की रकम पीड़ितों को वापस मिलेगी?

    और क्या AI के जरिए फर्जी पहचान गढ़ने वालों पर कोई मिसाल कायम होगी?

    फिलहाल इतना तय है कि रितेश शाह उर्फ साहू का मामला केवल ठगी का नहीं, बल्कि डिजिटल धोखाधड़ी, सामाजिक लापरवाही और सिस्टम की कमजोरी तीनों का आईना बन चुका है।

    Home Department of Madhya Pradesh सिंगरौली पुलिस IG REWA Collector Office Singrauli

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