शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 9,35,000 रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह को दुबई में बैंक खाते बेचने वाला एक आरोपी कालीकट एयरपोर्ट (केरल) से गिरफ्तार
मुख्य बिंदु
-आरोपियों द्वारा धोखाधड़ी की राशि दुबई से एटीएम के माध्यम से निकाली गई।
-अन्य देशों की बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग कर रकम का अवैध आहरण किया जा रहा था।
-आरोपी दुबई भागने की फिराक में था।
-गिरोह व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को शेयर मार्केट में निवेश के संदेश भेजता था।
-कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को फँसाया जाता था।
-बड़ी कंपनियों के नाम से मिलते-जुलते फर्जी मैसेज और एप्लीकेशन का उपयोग किया जाता था।
-विश्वास जीतने के लिए पहली बार निवेश की राशि मुनाफे सहित वापस की जाती थी।
-बड़ी रकम निवेश करते ही पीड़ित का खाता ब्लॉक कर दिया जाता था।
-संपर्क के लिए केवल व्हाट्सएप नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था।
-फर्जी बैंक खाते खुलवाकर महंगे दामों पर साइबर ठगों को बेचे जाते थे।
-खाते में राशि आते ही उसे निकालकर आरोपी विदेश फरार हो जाते थे।
भोपाल
पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) श्रीमती मोनिका शुक्ला, पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्री अखिल पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री शैलेंद्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन तथा सहायक पुलिस आयुक्त (सायबर) श्री सुजीत तिवारी के निर्देशन में क्राइम ब्रांच (सायबर) भोपाल की टीम ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 9,35,000 रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को कालीकट एयरपोर्ट, केरल से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा है।
घटनाक्रम
फरियादी मोहम्मद जैनुल, निवासी कोहेफिजा, भोपाल द्वारा साइबर क्राइम भोपाल में लिखित शिकायत की गई कि “करन बिरला” नामक व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर संपर्क कर PMHDFC नामक एप्लीकेशन के माध्यम से “सहज सोलर” कंपनी में निवेश के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन राशि जमा कराई और कुल 9,35,000 रुपये की धोखाधड़ी की।
शिकायत की जाँच एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर थाना क्राइम ब्रांच में अपराध क्रमांक 109/2024, धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई की गई।
वारदात का तरीका
आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को शेयर मार्केट में निवेश के संदेश भेजते थे और नामी कंपनियों से मिलते-जुलते फर्जी एप्लीकेशन तैयार कर कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देते थे।
प्रारंभिक निवेश पर मुनाफे सहित राशि लौटाकर विश्वास जीता जाता था।
बड़ी राशि निवेश होते ही एप्लीकेशन में पीड़ित का खाता ब्लॉक कर दिया जाता था।
रकम तुरंत अन्य खातों में ट्रांसफर कर विदेशों से एटीएम द्वारा नकद निकाल ली जाती थी।
पुलिस कार्रवाई
साइबर क्राइम भोपाल की टीम ने तकनीकी विश्लेषण एवं मैदानी साक्ष्यों के आधार पर अपराध में प्रयुक्त व्हाट्सएप नंबरों, एप्लीकेशन और बैंक खातों के वास्तविक उपयोगकर्ताओं की पहचान की। जाँच में सामने आया कि धोखाधड़ी की राशि दुबई से एटीएम द्वारा निकाली जा रही थी और गिरोह के सदस्य दुबई में सक्रिय थे।
इसी आधार पर गिरोह को भारतीय बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी को कालीकट एयरपोर्ट, केरल से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से—
01 पासपोर्ट
01 मोबाइल फोन
01 सिम कार्ड
जप्त किए गए हैं। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। इस प्रकरण में पूर्व में केरल एवं महाराष्ट्र से 12 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
पुलिस टीम
निरीक्षक सुरेश फरकले, उपनिरीक्षक देवेंद्र साहू, सहायक उपनिरीक्षक चिन्ना राव, प्रधान आरक्षक आदित्य साहू, प्रधान आरक्षक तेजराम सेन, आरक्षक यतिन चौरे, आरक्षक प्रशांत शर्मा, आरक्षक रवि माहेश्वरी, आरक्षक सुरेंद्र लामकुचे — थाना क्राइम ब्रांच, भोपाल
नाम आरोपी :-
-निजामुद्दीन पिता के. हुसैनार, निवासी– चेट्टूकुण्डु, होसदुर्ग जिला कासरगोड (केरल), शिक्षा– 12वीं पास।
अपराध में भूमिका – फर्जी बैंक खाते खरीदकर अन्य आरोपियों को पैसे लेकर दुबई में बेचना।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपी :-
-अनिकेत दत्तात्रेय बरहटे, निवासी भुसावल, जिला जलगांव (महाराष्ट्र), शिक्षा– आईटीआई।
भूमिका – स्वयं के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर पैसे लेकर बेचना।
-ऋषिकेश प्रवीण बाविस्कर, निवासी भुसावल, जिला जलगांव (महाराष्ट्र), शिक्षा– आईटीआई।
भूमिका – फर्जी खाते खरीदकर आरोपी आकाश चनाडे को पैसे लेकर बेचना।
-आकाश चनाडे, निवासी भुसावल, जिला जलगांव (महाराष्ट्र), शिक्षा– आईटीआई।
भूमिका – फर्जी खाते खरीदकर अन्य आरोपियों को पैसे लेकर बेचना।
-रियाज पिता शरीफ, निवासी बडकरा, जिला कोझिकोड (केरल), शिक्षा– 12वीं पास।
भूमिका – स्वयं के नाम पर फर्जी खाते खुलवाकर पैसे लेकर बेचना।
-रसल पिता इब्राहिम, निवासी कुट्टीयाडी, जिला कोझिकोड (केरल), शिक्षा– 12वीं पास।
भूमिका – फर्जी खाते खरीदकर आरोपी मोहम्मद मुबाशिर को पैसे लेकर बेचना।
-सचु पिता वासु, निवासी नाडापुरम, जिला कोझिकोड (केरल), शिक्षा– ग्रेजुएट।
भूमिका – स्वयं के नाम पर फर्जी खाते खुलवाकर पैसे लेकर बेचना।
-मोहम्मद मुबाशिर पिता असरफ, निवासी कुट्टीयाडी, जिला कोझिकोड (केरल), शिक्षा– 12वीं पास।
भूमिका – फर्जी खाते आरोपियों से खरीदकर अन्य आरोपियों को पैसे लेकर बेचना।
-राकेश जाधव पिता नामदेव जाधव, निवासी भुसावल (महाराष्ट्र), शिक्षा– 12वीं पास।
भूमिका – फर्जी खाते आरोपी आकाश चनाडे से खरीदकर अन्य आरोपियों को पैसे लेकर बेचना।
-मुहम्मद नबील कोलोथोड़ी पिता युसुफ मुसलियार कोलोथोड़ी, निवासी पेरिन्तलमन्ना, जिला मलप्पुरम (केरल), शिक्षा– 12वीं पास।
भूमिका – स्वयं के नाम पर खाता खुलवाकर पैसे लेकर बेचना।
-शमशाद पी. पिता मुहम्मद अली, निवासी पेरिन्तलमन्ना, जिला मलप्पुरम (केरल), शिक्षा– 12वीं पास।
भूमिका – फर्जी खाते खरीदकर अन्य आरोपियों को पैसे लेकर बेचना।
-आशिक सजीर टी. पिता अब्बास, निवासी पेरिन्तलमन्ना, जिला मलप्पुरम (केरल), शिक्षा– ग्रेजुएट।
भूमिका – फर्जी खाते खरीदकर अन्य आरोपियों को पैसे लेकर बेचना।
-मो. दानिश सी.के. पिता अब्दुल रज्जाक सी.के., निवासी चेरीकुलंगारा हाउस, ग्राम एलिटील, जिला कोझिकोड (केरल), शिक्षा– आईटीआई।
भूमिका – भारत से खाते खरीदकर दुबई में साइबर ठगों को बेचना तथा कमीशन यूएई मुद्रा (दिरहम) में प्राप्त करना।


